नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए भारी टैरिफ से जूझ रहे निर्यातकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक विशेष राहत पैकेज लाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, सरकार उन उद्योगों को सहारा देने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है, जो इन टैरिफ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, और रसायन जैसे क्षेत्रों पर भारी असर पड़ा है। इस पैकेज को कोविड-19 के दौरान एमएसएमई सेक्टर को संकट से उबारने वाली योजना की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य छोटे निर्यातकों को नकदी संकट से बचाना, रोजगार पर मंडरा रहे खतरे को टालना और भारतीय उत्पादों के लिए नए वैश्विक बाजार खोजने में सहायता करना है।
हाल ही में अमेरिका ने भारत से आयातित कई उत्पादों पर 50% टैरिफ लागू किया है, जिसमें 25% टैरिफ रूस से तेल खरीदने के लिए दंड के रूप में शामिल है। इस फैसले ने भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा से बाहर होने की स्थिति में ला खड़ा किया है।
सूत्रों का कहना है कि इस राहत पैकेज में छोटे निर्यातकों के लिए सस्ते कर्ज, पूंजी की कमी को दूर करने के उपाय और उत्पादन को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। साथ ही, सरकार बजट में घोषित ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ को तेजी से लागू करने पर ध्यान दे रही है, ताकि वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को और मजबूत किया जा सके। यह पैकेज न केवल वर्तमान संकट से राहत देगा, बल्कि भविष्य में ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय व्यापार को सशक्त भी करेगा।